Sirf Anubhav
तुम जब भी हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हो ना सच कहें हमे बुरा नहीं लगता क्योंकि हम तो अब खुद को दफना कर तुम्हारे साथ रहते है बल्कि विचार करने की बात ये है कि तुम्हें कभी ताजुब नहीं हुआ हम ये सब कैसे सहते हैं बिन सोचे ज़िन्दगी कई बार कुछ यूँ उलझ जाती है कि ठीक ठाक दिखने वाले रास्ते पे चलने पर भी हवाएं हमें कंकर पत्थर वाले रास्तों पर मोड ले जाती है आंखों देखी नजर अंदाज़ करना पड़ता है और जिस पर मन नहीं ठुक ता उस पर भी विश्वास करना पड़ता है ...