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मैं तुम्हारे दिल में रहता हूं यही मेरी खुशनसीबी है

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मैं तुम्हारे दिल में रहता हूं यही मेरी खुशनसीबी है तुमसे जुड़ कर मैने जाना मैंने जिंदगी कभी हारी ही नही ... मैंने तो जिंदगी की सबसे खूबसूरत जंग जीती है... राधे कृष्णा...  

ये इश्क आसां कहां है दर्मियां है वो जो मेरा जहां है

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ये इश्क आसां कहां है  दर्मियां है वो  जो मेरा जहां है  फिर भी कह नहीं पा रहे  और पास हो कर भी  ये दूरियां सह नहीं पा रहे  

जयजयश्रीराधे

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हर रूप में राधा है.. हर रूप में कृष्णा.. मिल जाएंग जब चाहोगे बस छोड़ कर देखो तृष्णा..... जयजयश्रीराधे  

ओ कान्हा

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ओ कान्हा मैं तेरी सूरत से नहीं  तेरी मूरत से नहीं  तेरी सीरत से प्यार करती हूं  खुशनसीब हूं कि साथ वो भी मेरा नहीं छोड़ती  मैं इस कदर इंतज़ार करती हूं..    

जय जय श्री राधे

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मेरे कान्हा याद है ना ,... मुझे तुम संग ही जाना . . खुली खुली सी है नज़र.. आंखों में है इक सबर.. चाहते हैं हम तुम्हें कितना.... कैसे पहुंचाएं ये खबर... मुस्कुराते रहो ... आनंद में रहों ... हर हाल में राधे- राधे संग संबंध बनाए रहो... जय जय श्री राधे  

सांस भर दो...

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माना मैं तुम्हारा घुनेगार हूं.. हां तुम्हारी मोहब्बत का कर्जदार हूं ... बस एक बार माफ़ करदो... गुज़ारिश है..... मेरी टूटती सांसों में सांस भर दो...  

मोहब्बत

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गूंज है बाली की पायल की छन छन है..  ये कैसा असर है उनका  खिल गया तन मन है  मिलेंगे तो खिलेंगे यकीं है  मिलेंगे तो खिलेंगे यकीं है..  हां हैं...वो यहीं है..  हां वो... हर कहीं हैं... मोहब्बत तू खुद को ढूंढ के देख मैं दिख जाऊंगा मैं तुझे में ही तो हूं मिल जाऊंगा तुम्हारा इंतज़ार है तुमसे बेहद प्यार है रूह तुझमें रमने को बेकरार है आजा सनम मेरी हर धड़कन तेरी मोहब्बत की कर्जदार है  

आनंद की मत कर खोज

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खूबसूरती नज़र में खुशी सबर में मौन खबर में और ज़िन्दगी अधर में अनुभव है सुकुं संभव है हे मनुष्य आनंद की मत कर खोज उसे मत बना बोझ वो भीतर है बैठा तेरे राधे राधे जप ज़्यादा मत सोच..  

जय जय श्री राधे

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सुना है तकदीर के लिखे को हम  बदल नहीं सकते  पर अनुभव ने ये सिखाया  तकदीर लिखने वाले को अपने कर्मो से प्रभावित कर  इच्छा सफल करने का प्रयास  अवश्य है कर सकते.. जय जय श्री राधे प्रभु की वंदना कर आनंद की ना उलंगना कर एक वही सत्य है भीतर या भार जब पहचान लेगा तभी से मिल जाएगा सुख का सार