CORONA EXPERIENCE
एक फितूर था
जो मेरे पास है
सब मेरा है
लॉकडाउन ने समझा दिया
जाग जाओ अब सवेरा है
जो मेरे पास है
सब मेरा है
लॉकडाउन ने समझा दिया
जाग जाओ अब सवेरा है
हैरान है परेशान है
कमाल की बात ये है की।
अभी भी खुद के कर्मो से अनजान है
अब तो वक़्त ने भी कर दिया है ऐलान
फिर भी नासमझ बन घूम रहा है इंसान
डूबे जब.
थे किनारे पर
मंज़िल मिली.
तो हम डूब गए
कमाल है खुदा तेरी लीला का
जब सावन है हरा
तो बता हुई क्या खता
हम कैसे..सूख गए
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