उम्मीद का जिक्र किया तो को सुकून मिला हिम्मत ऐसी बंधी मानो जैसे मंजिल पर पहुंच ही गया.. इसलिए प्रार्थना कि जिए वक्त जैसा भी है हमारा ही है हिम्मत से काम लो यारो पल पल निकलता जाएगा कोरोना से हमें मुक्ति भी ये वक्त ही दिलवाएगा
कुर्बानी की परीक्षा क्या होती है यदि वाकई कभी समझनी हो तो सरहद पर बैठे वीर जवान से मिल लेना एक नज़र जी भर उन्हें देख लेना सब समझ जाओगे... और गर कभी किसी अपने के लिए कुछ कर भी गए तो उसे भी नही जताओगे..
बाहों में ज़िन्दगी की हम सफर हो ना हो राहों में ज़िन्दगी की मंज़िल की खबर हो ना हो हिम्मत और हौसला है काफी है वो सब मिल जाएगा जिसकी चाहत बाकी है तू कर्म कर चल कृपा होगी अवश्य मिलेगा फल देर से सही पर जहां होगा तू उसकी रजा वहां ही होगी आज नहीं तो कल बस तू चल