खूबसूरत जिंदगी में लम्हें सजा लिए है मैंने.. उसको छोड़ कर जो मुझे छोड़ना चाहता था। और उसको चाह कर जिसे मैंने उस नज़र से तो कभी देखा नहीं.. पर उसने मुझसे नज़र कभी फेरी नहीं ...
दुख तो जिंदगी में सभी के बहुत हैं बस फर्क इतना कोई हंस कर उड़ा देता है कोई रो कर कोई गम में डूब जाता है और कोई उस परिस्थिति में भी निखर कर आता है.. जय जय श्री राधे
क्या हुआ वक्त से रूठ गए क्या ? अपने ... छूट गए क्या ? सब्र से ... दोस्ती नहीं रही ? सांसे महंगी हो गई ? हां !! वाक्य जीवन बहुत कठिन.. पल पल में जतन है पर सांसों से नही... परिस्थियों से पर ये रीत चलती आ रही है सदियों से इसलिए सासों की कद्र करो जो तुम्हारे हाथ में नहीं है उसे स्वीकार कर मुश्किल वकत में भी मुस्कुरा कर बशर करो क्योंकि जो तुम्हारे पास है। वो भी बहुतों के पास नही जो है वो बहुत बढ़िया है भूल जाओ क्या गलत क्या है सही..
अल्फाजों में कुछ यूं जज़्बात हैं कि वो मिल जाते हैं महफीलों में कभी- कभी... और हम इस उम्मीद पर हिस्सेदार बन जाते हैं हर इक महफिल के फिर चाहे हो कहीं....