ओ कान्हा

ओ कान्हा मैं तेरी सूरत से नहीं 
तेरी मूरत से नहीं 
तेरी सीरत से प्यार करती हूं 
खुशनसीब हूं कि साथ वो भी मेरा नहीं छोड़ती
 मैं इस कदर इंतज़ार करती हूं..

 


 

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