आनंद की मत कर खोज



खूबसूरती नज़र में
खुशी सबर में
मौन खबर में
और ज़िन्दगी अधर में
अनुभव है
सुकुं संभव है


हे मनुष्य आनंद
की मत कर खोज
उसे मत बना बोझ
वो भीतर है बैठा तेरे
राधे राधे जप
ज़्यादा मत सोच..



 

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