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मुस्कुराकर स्वीकारों दो हज़ार अठ्ठरा

मुस्कुराकर स्वीकारों दो हज़ार अठ्ठरा दोस्तों ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा .......... जो करना है उसे आज ही कर लो मंज़िलों को ज़रूर मिलेगा किनारा दोस्तों ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा ....... यक़ीन करो खुद पर दिल से करो अपने प्रभु का जयकारा दोस्तों ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा .... नव वर्ष 2018 की हार्दिक शुभ-कामनाएँ sonalinirmit.com

खुवहिशे रूह से लिप्टी थी

खुवहिशे रूह से लिप्टी थी आसमाँ को छूने की चाह में आत्मबल से लिपटे थे कदम ना रुके चाहे हो जो राह में, मंज़िलों से चैन की रहें मुझे खींच ती थी जब भी दो कदम रुकता था मेरी सांसो को भींचती थी , ये जुनून मुझे आज कहाँ ले आया है सपनें मे भी नही जो खुवाब देखा था वो सच कर दिखलाया है

पता ही नही चला कब आँसुओं से प्यार हो गया जो पोछते ते उनसे रिश्तों के बदले आँसुओं का व्यापार हो गया ..................

पता ही नही चला कब आँसुओं से प्यार हो गया जो पोछते ते उनसे रिश्तों के बदले आँसुओं का व्यापार हो गया ..................

उन रिश्तों की कसौटी से मैं रोज़ गिर कर उभरता हूँ

उन रिश्तों की कसौटी से मैं रोज़ गिर कर उभरता हूँ जिनको मैने प्रेम के धागे से सिया था जिनके साथ में दिल से जिया था ........ एक वो वक़्त था जब चेहरा मेरा था और चमक थी उनकी आज ना वो चेहरा है ना वो चमक , बस उनका एहसास है जो दिल के पास है , वरना उनके बिना तो लगता है वक़्त ही खराब है ..........

ना सुकून है दिल महरूम है,

ना सुकून है दिल महरूम है, बस तेरे दर पर जब भी आता हूँ दिल में उछलता एक जुनून है जो कहता है मुझसे तू चल खुद को मत छल.......... ज़िंदगी खूबसूरत है रहे ज़रूर मिलेंगी आज नही तो कल बस तू चल....................

मझधार मे सिमट के रह गए मेरे सवाल

मझधार मे सिमट के रह गए मेरे सवाल किस राह को पॅक्डू नही पता मुझे....... जाने क्यों मंज़िल नाराज़ है मुझसे कहती है मोड़ तू अब खुद चुन ले  चुनले ............

सुकून ही तो माँगा था तुझसे ए ज़िंदगी......... तूने तो बदले में मुझसे मेरी खुवाहिशे ही माँगा ली...........

सुकून ही तो माँगा था तुझसे ए ज़िंदगी......... तूने तो बदले में मुझसे मेरी खुवाहिशे ही माँगा ली...........