नज़र में रोशनी होनी चाहिए फिर उजाले की क्या बात है तुम चाहे फिर कहीं भी हो उजाले की ही सौगात है...

नज़र में रोशनी होनी चाहिए फिर उजाले की क्या बात है तुम चाहे फिर कहीं भी हो उजाले की ही सौगात है...







 

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