अनुभव ... हम समझते थे उन्हें हिम्मत वाले .... जो माहिर हैं अपना दर्द छिपाने में.. आज किसी ने आभास करवाया ... वे लोग तो वास्तव में कमजोर होते हैं जैसे हैं वैसे दिखाने में..
जिंदगी के सफ़र में हर पल हमारे साथ थे वो हौसलें ही हैं जिनकी वजह से हमारे कल और आज थे हां साथ रहा कभी अपनों का तो कभी सपनों का पर सीख थी मां बाप की बस चलते रहना शायद इसलिए ही हर हाल में हमारे सिर पर ताज थे.....