LOVE....LOVE ....LOVE

 हां मोहब्बत है 

कोई अफसाना है 

जिसकी हकीक़त में ....

 डूबा इक दीवाना है..

नज़र मे उसकी बस तेरा फसाना है

 बच कर ओ सनम बता कहां जाना है..

समझ ले इश्क इतना है कि

 एक दिन बाहों में आ जाना है। 

यकीं है तू मानेगी ये बरसो पुराना.. दीवाना है..

ये मोहब्बत सफ़र है। 

कोई भंवर नही सच्चा आशिक है

 कच्ची नज़र नही.. 

ताजुब ये कि तू साथ है 

बस तुझे ही खबर नही..




Comments

Popular posts from this blog