ख्वाहिशों के बिसार हैं हम Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 18, 2021 लगता है वाक्यख्वाहिशों के बिसार हैं हम या पता नही . कहां और किधर हैं हम Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है. May 15, 2018 तुम्हारी खामोशी भारी मुस्कुराहट बहुत कुछ कह जाती है..... लफ़्ज़ों का क्यों बेवजह इस्तेमाल करती हो हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है............ Read more
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