एक वायरस ने दुर्बल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 14, 2021 इधर से उधर भागंभाग में खुद को टोपी पहनना छोड़ दो अब तो अपना समझो यारों वक्त को आज़माना छोड़ दो ये दुनिया अदभुद हैमान गए नाफिर भीएक वायरस ने दुर्बलबना दीयाजान गए ना Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... May 26, 2021 कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... Read more
anubhav July 29, 2020 कौन कहता है कि आस्मा की कोई जुबां नहीं कभी बारिश की टिप- टिप के साथ वक्त बिताओ पता चला जाएगा क्या कहना चाहता है आसमान और किस किस तरह वो भी अपना दर्द करता है बयां अक्सर ऐसे हालात हैं चांद हमारे साथ है और हमें अमावस्या की तलाश है ... Read more
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