Be Positive Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 17, 2021 अब समझ में आने लगा है कि हम जो चाहे करले.. जो चाहें सोच ले.. होगा वही जिसमे उसकी मर्जी है.. पर एक बात पक्की है जो मंजिल की चाहत में ज़मी आसमां एक कर दे.. वो उसकी अवश्य सुनता अर्जी है... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
anubhav July 29, 2020 कौन कहता है कि आस्मा की कोई जुबां नहीं कभी बारिश की टिप- टिप के साथ वक्त बिताओ पता चला जाएगा क्या कहना चाहता है आसमान और किस किस तरह वो भी अपना दर्द करता है बयां अक्सर ऐसे हालात हैं चांद हमारे साथ है और हमें अमावस्या की तलाश है ... Read more
कोई तो राज़ होगा.. कोई तो बात होगी कैसे हम इतने करीब हैं.. जबकि पता ही नही फिर मुलाकात कब होगी.. August 06, 2021 कोई तो राज़ होगा.. कोई तो बात होगी कैसे हम इतने करीब हैं.. जबकि पता ही नही फिर मुलाकात कब होगी.. Read more
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