वो भीतर था मेरे Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 20, 2021 मैं ढूंढ में उसकी निकल गई..वो इंतज़ार में मेरी था बैठा हुआ.. मैं दर बदर, घर घर बिचल गई वो भीतर था मेरेजिसे मैं खुदा कहता रहा। कि शक्ति है वही.. मंजिल है वही.. रास्ता भी सही.. वो जहां है वो है वहीं बस चलना चाहता नहीं.. हर कोई.. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है. May 15, 2018 तुम्हारी खामोशी भारी मुस्कुराहट बहुत कुछ कह जाती है..... लफ़्ज़ों का क्यों बेवजह इस्तेमाल करती हो हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है............ Read more
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