आखिरी मुलाकात Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 09, 2021 ज़रा सा और ठहर जाते आखिरी मुलाकात थी तो कमसेकम दो गढ़ी जी भर कर देख तो जाते..मुझे रोकने का हक़ तो था ही नहीं तो इतनी सी खता और कर जाते.. हमें मौवजे के बतौर बस ज़रा सा हां हां.... ज़रा सा औरवक्त ही दे जाते... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है. May 15, 2018 तुम्हारी खामोशी भारी मुस्कुराहट बहुत कुछ कह जाती है..... लफ़्ज़ों का क्यों बेवजह इस्तेमाल करती हो हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है............ Read more
Comments
Post a Comment