मिलने वाले मिल गए...

वो आगया था
इत्र बन कर
में फूल बन कर बैठी थी
 खुशबू हमारे औरे की इतनी दूर तक मेहकी थी 
कि प्यार का कत्ल करने वाले वहीं ठहर गए 
प्यार करने वाले तैर गए
 खिलने वाले खिल गए.. 
मिलने वाले मिल गए...


 

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