anubhav Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 26, 2021 उलझ गए वोउस ही तरह आज..जिस तरह कभी हमें उलझाया करते थे.. हमने तो ठोकर खा कर चुप्पी ओड लीबात सवारना सीख लिया था.. देखना ये है कि अब उन्हों ने इससे क्या सीख लिया है.. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
anubhav July 25, 2020 कभी कुछ समेटा नहीं इसलिए ही बिखरा नहीं अनुभव था किसी का समय पर उतार लिया खुद को सवार लिया जिसको जैसे देखनी है देख लो भाई सृष्टि सबकी लिए एक जैसी बनी है चाहे तो सवार लो या बिगाड़ लो भाई Read more
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
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