खुद पर ना कर इतना गुमान कि खुदा की रहमतो को भाँप ना सके, मौत सबको मिटी मे हे मिलती है क्या सोचता है तू खुले आकाश के तले, यदि फर्क सिर्फ़ अमीरी ग़रीबी का है तो ये बस पैसे का कमाल है, खुदा ने तो हम सबको एक जैसा हे बनाया है उपर मिलकर पूछूँगा तुझसे बोल……. अब तेरा क्या ख़याल है………. धन्यवाद सोनाली सिंघल
बाहों में ज़िन्दगी की हम सफर हो ना हो राहों में ज़िन्दगी की मंज़िल की खबर हो ना हो हिम्मत और हौसला है काफी है वो सब मिल जाएगा जिसकी चाहत बाकी है तू कर्म कर चल कृपा होगी अवश्य मिलेगा फल देर से सही पर जहां होगा तू उसकी रजा वहां ही होगी आज नहीं तो कल बस तू चल
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