कोई तेरी खातिर है जी रहा"""


""जाए तू कहीं भी
ये सोचना
***कोई तेरी खातिर है जी रहा"""
एक इस वाक्य में इतना दम है
कि इक डूबती कश्ती को किनारे लगा देता है
एक टूटते इंसा को
फिर सितारे दिखा देता है..



 

Comments