बचपन Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 29, 2021 जब छोटा था तब लगता था..मैं कब बड़ा होऊंगा ये घड़ी कब तेज़ी से मेरे साथ भागेगी.. मैं बड़ा भी ..हो गया घड़ी तेज़ी से भाग भी रही है पर अब मेरी नज़र जाने क्यों.... बचपन में झांक रही है.. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... May 26, 2021 कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... Read more
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