इबादत Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 24, 2021 चांद की चाहत नहीं. ..जहां तुम हो हर इबादत है वहीं..ये नज़ारा नहीं... खूबसरत तुम्हारा साथ है... मैं इक खूसूरत परिंदा हूं... जब तक तुम्हारे हाथों में मेरा हाथ है... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है. May 15, 2018 तुम्हारी खामोशी भारी मुस्कुराहट बहुत कुछ कह जाती है..... लफ़्ज़ों का क्यों बेवजह इस्तेमाल करती हो हमारे जवाब में बस मुस्कुरा दिया करो वही काफ़ी है............ Read more
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