दुनिया का दस्तूर

हस्ते चेहरों को खामोश कर देना दुनिया का दस्तूर है क्योंकि दुनिया आदत्त से मजबूर है पर उसी दुनिया को नज़र अंदाज़ कर मुस्कुराकर निकाल जाना काश बन जाए एक फितूर कमाल होगा ज़रूर




 

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