मजबूर कर दिया...
कोरोना ने ज़िन्दगी की कैसी
काया पलट कर रख दी है
अपनों के होते हुए अपनों से दूर कर दिया
अपनों के बिना जीने पर
दुख- सुख दोनों परिस्थिति में
मजबूर कर दिया...
कहते हैं
हर चीज की एक उम्र होती है
वैसे ही ये भी कहते हैं
शौक पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती
कहते है...
बरदाश करने की एक सीमा होती है
साथ ही ये भी कहते हैं
दुनिया में किसी चीज की कोई सीमा
नहीं होती..
समझाना जरा मुश्किल हो जाता है.
अक्सर इंसा
जब मझधार में फंस जाता है....
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