वो दुश्मन नहीं थे जो हमें दुश्मन लगे...




खिलने की आदत
फितरत में होनी चाहिए
 फिर देखो कमाल
मौसम-माहौल- वक़्त कैसा भी हो 
किसी की क्या मजाल 

वो दुश्मन नहीं थे
जो हमें दुश्मन लगे...
वो सच्चे दोस्त नहीं थे
जिनके साथ हम सिर्फ हसे ...
फर्क समझने में भूल थी हमारी
वो ज़िन्दगी सुधार रहे थे
जो बताते थे हर गलती हमारी....


 

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