सच्ची बातें



ज़िन्दगी एक ऐसी पतंग है
जिसकी कन्नियो से कोई कभी खुश है
तो कभी कोई तंग है
कभी रंग है तो कभी बेरंग है
कभी जंग है तो कभी संग है
बस ज़िन्दगी हैरान हर दम है






पूजते हैं राम
पूजते कभी रहीम
पूजते हैं अलाह
कभी पूजते हकीम
काश पूजते इंसानियत
ज़िन्दगी की समझ आती एहमियत..
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