life experience

खुद को तराश रहा हूं अब
 क्योंकि वक़्त की मार ने 
बस ये ही सिखाया है
 जिसने बदलाव लाने के लिए खुद को बदला है 
जहां उसी के पीछे चल कर का आया है

किसी ने हमसे सवाल किया

 तुम पहले तो कभी

 किसी बात का पलट कर जवाब नहीं देते थे

 तो अब क्यों 

मैंने जवाब दिया 

तब मैं गुमराह था 

मेरे आज में अब मैं हूं




            



कुछ गलतियां हो गई थी हमसे भी अनजाने में
 शायद इसलिए दो पल लग गए थे 
मुस्कुराने में 
ज़िन्दगी में कुछ नहीं छुप ता छुपाने से
 और ज़रूरी नहीं समझे गा आपको जमाना मन की बात बताने से 
तो अनुभव ने बताया वक़्त ही सच्चा साथी है
 वक़्त आने पर तराजू पर बिठा 
सब बता देता है
 कर्म से बढ़ कर कुछ नहीं

वक़्त पर समझ देता है

sonalinirmit


 

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