महोब्बत

मैंने आंखों में उसके

एक तराजू देखा है

मैंने खामोशी में भी उसकी

एक जादू देखा है

वो बिन कहे मुझे सवालों के

कटघरे में

छोड़ जाती है

मैंने कशिश में उसकी

खूबसूरत जहां देखा है। 




आजा फिर एक बार झूम लें

 प्रकृति फिर आईं हमसे मिलने

 चल उसे चूम लें



 

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