TUM BIN ( MY 4TH BOOK ) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 28, 2020 ये कविताएँ हैं मेरी पहचान हर शब्द है एक अनुभव समान कहीं कुदरत है कहीं रिश्ते है तो कहीं है मान-सम्मान कभी नादानी है, कभी परेशानी है तो कभी कलम भी है बेजुबान Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... May 26, 2021 कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... Read more
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