life experience
ये परीक्षा की घड़ी है।
इम्तेहान से भरी है
हिम्मत ना हारो दोस्तों
ये हमें सिखाने के लिए ही
आन पड़ी है
भगवान ने इतना कुछ दिया है
फिर भी मैं मन के परस्पर
धुवन्ध से क्यों झूझ रही हूं
मैं मंजिल पर खड़ी हो कर
रास्तों से मंज़िल का पता
क्यों पूछ रही हूं
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