anubhav Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 20, 2020 अब और इससे ज़्यादा तन्हा मत छोड़ो कि मैं बिखर जाऊं शायद ये भी मुमकिन हो मैं तुम बिन और भी निखार जाऊं वो स्वयं से गुमराह है जो सत्य से अनजान है वो स्वयं सत्य है जिसका कर्म प्रधान है Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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