anubhav Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 30, 2020 अब तो हवाएं भी कराहने लगी हैं समा भी खोमिशी की चादर ओढ़ बैठा है दिलों में तूफान है मानो हर सांस में एक शैतान है बस क्या कहूं विनती है तुझसे चल पड़ ओ थमे हुए वक़्त इतना ना भी ले इम्तेहान तू तो ऐसा नहीं था तू क्यों बनता जा रहा है इंसानपहले वक्त तुम्हारे हाथ में था पर तुम्हारे पास नहीं अब वक्त तुम्हारे पास है। पर तुम्हारे हाथ में नहीं कमाल देखो तब तुम भाग रहे थे वक्त नहीं अब वक्त भी बैठा और तुम भी पर कुछ कर सकते नहीं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
जय भारत जय भारत नारी शक्ति हमे गर्व है हम भारतीय हैं गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ January 25, 2020 Read more
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