वो मेरे आसमान है मेरी हसी में छिपी जान है, वो जाम में बैठा ठहराव है उनके साथ भर जाता हर घाव है वो बदलदेते मेरी सोच वो मिटा देते मन के बोझ, वो रिश्तों के गुरु हैं उनके साथ बैठ जाओ तो ठहरी हुई ज़िंदगी शुरू है.... दोस्त

वो मेरे आसमान है
मेरी हसी में छिपी जान है,
वो जाम में बैठा ठहराव है
उनके साथ भर जाता हर घाव है
वो बदलदेते मेरी सोच
वो मिटा देते मन के बोझ,
वो रिश्तों के गुरु हैं
उनके साथ बैठ जाओ
तो ठहरी हुई ज़िंदगी शुरू है....
दोस्त


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