एक -दूसरे को काट कर आगे बढ़ने में तुम ज़िंदगी लुटा रहे हो तुम इस तरह सिर्फ़ इंसानियत को धोके बाज़ी का नकाब चढ़ा खुद को गड्ढे में गिरा रहे हो........
एक -दूसरे को काट कर
आगे बढ़ने में तुम ज़िंदगी लुटा रहे हो
तुम इस तरह सिर्फ़
इंसानियत को धोके बाज़ी का नकाब चढ़ा खुद को गड्ढे में गिरा रहे हो........
आगे बढ़ने में तुम ज़िंदगी लुटा रहे हो
तुम इस तरह सिर्फ़
इंसानियत को धोके बाज़ी का नकाब चढ़ा खुद को गड्ढे में गिरा रहे हो........
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