ये वो दर्द है जिसकी कोई दवा नही............. ये वो क़र्ज़ है जिसकी हमें हवा नही.................. ये वो आवाज़ है जो उठी पर कोई सुनता नही ये वो दुनिया है जिसकी कुद्रट भी अब गवाह नही............ sonalinirmit


Comments