माँ का आँचल खून से भरा है पिता अधमरा खड़ा है शरीर के अंग भी पुत्र के जोड़ नही पाया जिसने तिरंगे के सम्मान से स्वॅम को अमर करवाया, शोक में डूबा है सारा देश जायज़ है...... पर अब और बर्दाश्त करना बिल्कुल नाजायज़ ........... जय हिंद जय जवान
माँ का आँचल खून से भरा है
पिता अधमरा खड़ा है
शरीर के अंग भी पुत्र के जोड़ नही पाया
जिसने तिरंगे के सम्मान से स्वॅम को अमर करवाया,
शोक में डूबा है सारा देश जायज़ है......
पर अब और बर्दाश्त करना बिल्कुल नाजायज़ ...........
जय हिंद
जय जवान
पिता अधमरा खड़ा है
शरीर के अंग भी पुत्र के जोड़ नही पाया
जिसने तिरंगे के सम्मान से स्वॅम को अमर करवाया,
शोक में डूबा है सारा देश जायज़ है......
पर अब और बर्दाश्त करना बिल्कुल नाजायज़ ...........
जय हिंद
जय जवान
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