दर्द नही आँखों में दास्तान है सुन ले कोई गुज़ारिश है अब टूट रहा इनके पीछे छुपा बाँध है

दर्द नही आँखों में
दास्तान है
सुन ले कोई गुज़ारिश है
अब टूट रहा इनके पीछे छुपा बाँध है

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