खून का रिश्ता है वो भूल गया मैं केसे भूल जाउँ......

तन्हाइयों का भंवर
आज घेर रहा है
कोई अपना मुझे
ढेर कर रहा है

यकींन नही हो रहा
खुद को
उसको क्या यकींन दिलाउँ
खून का रिश्ता है
वो भूल गया
मैं केसे भूल जाउँ......

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