मैं सबको दिखने लगा...............

ठोकर खा कर कई कई बार गिरा
बहुत मुश्किलों से उठा ..........
पर तब किसी को ना दिखा
जैसे ही कदम मंज़िलों को छूने लगे
मैं सबको दिखने लगा..................

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