कहने से मेरी चोट गहरी हो जाएगी ....लाज़मी है.....
आज मन को किसी बात से
बहुत तकलीफ़ पहुँची
आपसे कहने की बार बार सोची ................
पर ना जाने क्यों मन से एक ही आवाज़ बार बार आई
क़ि आप भी तो वही आदमी हैं
कहने से मेरी चोट गहरी हो जाएगी ....लाज़मी है......
बहुत तकलीफ़ पहुँची
आपसे कहने की बार बार सोची ................
पर ना जाने क्यों मन से एक ही आवाज़ बार बार आई
क़ि आप भी तो वही आदमी हैं
कहने से मेरी चोट गहरी हो जाएगी ....लाज़मी है......
Comments
Post a Comment