अब तो खुवाहिश है इन्हे ज़िंदा रह कर दिखलने की .

जीते जी अपना जनाज़ा उठते हुए देख लिया
जब अपनों ने नज़रों से गिरा कर हमें फैक दिया

अब और क्या उम्मीद करूँ अपनों से
अब तो खुवाहिश है इन्हे ज़िंदा रह कर दिखलने की ........................
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