हमारे कर्मों का ही सारा घपला था.....

नसीब से खिले थे हम
नसीब में थे कुछ गम,
नसीब में थे सुख
नसीब में था कुछ कम .....
सिर्फ़ देखने का नज़रिया बदला था
हमारे कर्मों का ही सारा घपला था.............
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