क्या खूब कहा है किसी ने

क्या खूब कहा है किसी ने
कि तू मेरे लिए मुझसे नही
तू खुद के लिए मुझसे प्रेम करता है,
जिन साँसों को तू मेरे नाम कर देने का दावा करता है ,
वो भी तू खुद के लिए ही भरता है .............

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