मेरे सपनो को वो पर लगाती

मेरे सपनो को वो पर लगाती
संग अपने वो मुझे मेरे सपनो से मिलवाती
मेरी बातों को वो इशारे से समझ जाती
कभी कभी तो वो
मुझे - मुझसे ही मिलवाती 
बेटियों से जीवन की हर काली खिल जाती
ये बेटियाँ नसीब वालों को ही मिल पाती....
सारे जहाँ की खुशियाँ वो अपने स्नेह से दे जाती
माँ होने का एहसास ये बेटियाँ ही समझ पाती.......
खुश हूँ अगर मैं बिटिया हूँ
खुशनसीब हूँ अगर मैं बिटिया की माँ हूँ .......

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