एक ज़माना था जब Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 14, 2017 एक ज़माना था जब चाँद पैसों से बाज़ार में समान बिकता था आज चाँद पैसों में केवल इंसानियत बिकती है समान नहीं Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... May 26, 2021 कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... Read more
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