कुछ मेरे हिस्से में डाल दे

कुछ मेरे हिस्से में डाल दे
ए खुदा 
ना देख सकता मैं उसको 
तड़प्ता हुआ,
मैने उससे सिर्फ़ पियार ही नही किया
उसे अपना खुदा माना है,
मुझे हर हाल मे उसका साथ निभाना है,
जिन कर्मों को भुगत रही है वो
जिस दर्द भरे रास्ते से गुज़र रही है वो,
मुझे उन रास्तों पर चलने की इजाज़द देदे
ए खुदा
मुझे मेरी महोब्बत को निभाने की इबादद देदे...........

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