दोस्त
दोस्त
हम भी उस आग में कूदना चाहते हैं
जिसमें तू जल रही है
जलती मोम की तरह
तड़प कर पिघल रही है
जानते है हम की तू
कमज़ोर नही,
तुझे फिर कोई ठुकराए
हमे बर्दाश नही,
जबकि भरोसा है हमें तुझ पर
पर अभी तेरे आशिक पर नही...........
कि कभी छोड़ ना दे तुझे
वो मझधार में
चोट ना खाए तू फिर किसी के पियार में,
तू चलती जा
तूफ़ानो को बनना पड़ेगा फ़िज़ा
बेफ़िक्र रह
ना दिखेंगे तेरी राहों पर तुझे हमारे कदम
तेरे साथ इस तरह चलते रहेंगे हम,
तेरी राहों पर बिछे काँटों की हमे परवाह नही
परवाह है हमे.......... तेरी मंज़िल की,
अब यूही नही कोई खोल पाएगा
चाबी तेरे दिल की............
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