आज फिर दिल बहुत उदास है

आज फिर दिल बहुत उदास है
उन रिश्तों के धागे उलझ गए हैं
जो दिल के बहुत पास हैं,
माना के कभी कभी अच्छी होती हैं दूरियाँ
पर पाता तो चले आख़िर क्या बात है,
क्योंकि कई बार
हम बिन कहे समझ पाते नही
ये बात उन्हें समझा दे कोई.............

Comments

Popular posts from this blog