केसे ब्यान केरूँ कि तुझसे कितना पियार केरूँ,

केसे ब्यान केरूँ
कि तुझसे कितना पियार केरूँ,
चाहत में तेरे ये दिल बेकरार
तुझसे करने लगा हूँ में इतना पियार,
जहाँ भी देखूं
बस दिखे तू,
कोने कोने में महके
बस तेरी खुश्बू,
तुझसे हर खुशी
तू ही ज़िंदगी,
वजह बन गई जीने की तू
हो गया मुझ पर ऐसा जादू,
रास्ता दिखाया तूने पियार का
तो मज़िल भी देगी तू,
इस ढाई अक्षर के शब्द में
पूरी हुई हेर आरज़ू,
बता मेरे सनम
और केसे ब्यान केरूँ
कि तुझसे कितना पियार केरूँ.....

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