मैं तुम्हारा सहारा नही
मैं तुम्हारा सहारा नही
तुम्हारा साथ बनना चाहता हूँ
तुम्हारा किनारा नही
किनारे पर तुम्हारे साथ पहुँचना चाहता हूँ,
गर मुझे इस काबिल समझो
तो बस याद कर लेना
अपनी दिल की धड़कन पर, हाथ रख लेना,
मैं हर लम्हा ,तुम्हारे साथ रहता हूँ
तुम मेरी सांसो में बस्ती हो
उदास हो तुम, तो मेरी दिल की धड़कन धीमी
और तेज़ दौड़ती , जब हस्ती हो,
मेरी महोब्बत को ,मत नापना
मैं इतना इंतेज़ार ना कर पाउँगा
जुड़ चुकी है मेरी साँसे, तुमहरी साँसों से
मैं तुम्हारे बिना अब , जी ना पाउँगा,
तुम जब तक मुझे आज़माना चाहो
तुम्हारी मर्ज़ी है
मेरे लिए अपने दिल पर कोई बोझ ना रखना
बस यही मेरी अर्ज़ी है...............
Comments
Post a Comment